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કોઈ નઝમ ૧૩
कोयल तो मरते हुए भी गाती है,
मोर नाचते हुए भी रोता है,
यही है जिंदगी का मतलब:
मायुसि की रातों मे नींद नहीं आती,
और ख़ुशीओकी रातों मे कौन कम्बख्त सोता है।
कोयल तो मरते हुए भी गाती है,
मोर नाचते हुए भी रोता है,
यही है जिंदगी का मतलब:
मायुसि की रातों मे नींद नहीं आती,
और ख़ुशीओकी रातों मे कौन कम्बख्त सोता है।