કોઈ નઝમ ૫૦
फ़रिश्ते ही होंगे जिनका इश्क मुकम्मल होता है ,
हमने तो यहाँ इंसानों को बस बर्बाद होते देखा है !
ये दुनिया इसलिए बुरी नही के यहाँ बुरे लोग ज्यादा है।
बल्कि इसलिए बुरी है कि यहाँ अच्छे लोग खामोश है।।
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