કોઈ નઝમ ૧૭
वह मोहोब्बत भी तेरी थी।
वह शरारत भी तेरी थी ।
अगर कुछ बेवफाई थी ,
तो वो बेवफाई भी तेरी थी।
हम छोड़ गए तेरा शहर,
तो वोह हिदायत भी तेरी थी।
आखिर करते तो किससे करते तेरी शिकायत,
वो शहर तेरा था, वो अदालत भी तेरी थी।
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