કોઇ નઝમ ૩૭
ज़माने से नही हम तन्हाई से डरते हैं,
प्यार से नहीं हम रुसवाई से डरते हैं,
दिल में उमंग है तुझे मिलने की ,
पर मिलने के बाद आने वाली तेरी जुदाई से डरते हैं..
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